आगर मालवा ( सुसनेर ) |
सुसनेर नगर परिषद की अध्यक्ष लक्ष्मी सिसोदिया पर कार्यकाल के दौरान गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। इस पर मध्यप्रदेश शासन के नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने उन्हें कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया है। विभाग ने कहा है कि यदि 15 दिन के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया, तो एकतरफा कार्रवाई की जाएगी।
विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, नगर परिषद सुसनेर में ई-रिक्शा और स्वच्छता सामग्री की खरीदी प्रक्रिया में कई नियमों का पालन नहीं किया गया। जांच रिपोर्ट में पाया गया कि जहाँ बाजार में ₹1.57 लाख मूल्य का एक ई-रिक्शा उपलब्ध था, वहीं नगर परिषद ने ₹4.81 लाख प्रति ई-रिक्शा की दर से खरीदी की। इस तरह परिषद और शासन को लगभग ₹16 लाख 20 हज़ार की आर्थिक हानि हुई बताई जा रही है।
इसी प्रकार, स्वच्छता सामग्री और कचरा गाड़ियों की खरीदी भी नियम विरुद्ध पाई गई। रिपोर्ट में उल्लेख है कि निविदा की प्रक्रिया, समय सीमा और प्रकाशन संबंधी नियमों का पालन नहीं हुआ, और बार-बार एक ही फर्म से सामग्री खरीदी गई। विभाग ने माना है कि इन अनियमितताओं में अध्यक्ष के साथ मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) भी संयुक्त रूप से जिम्मेदार हैं।
शासन ने लक्ष्मी सिसोदिया से 15 दिनों के भीतर जवाब मांगा है। यदि उनका जवाब असंतोषजनक पाया गया, तो उनके विरुद्ध मप्र नगर पालिका अधिनियम की धारा 41(क) के तहत पद से हटाने की कार्रवाई की जा सकती है।
गौरतलब है कि अध्यक्ष लक्ष्मी सिसोदिया ने 24 अगस्त को भाजपा छोड़कर कांग्रेस का दामन थामा था। उनके खिलाफ नगर परिषद के पार्षदों द्वारा अविश्वास प्रस्ताव भी लाया गया था। अब इन नए आरोपों के बाद सुसनेर की राजनीति में हलचल और तेज हो गई है।








