
आगर मालवा। जिले में सोयाबीन की फसल का उचित दाम नहीं मिलने से नाराज किसानों ने शनिवार को नेशनल हाईवे-52 पर चक्काजाम कर दिया। जिला मुख्यालय स्थित छावनी चौराहे पर किसानों ने सड़क पर बैठकर प्रदर्शन किया, जिससे करीब एक घंटे तक यातायात बाधित रहा और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
जानकारी के अनुसार, आगर कृषि उपज मंडी में किसानों को सोयाबीन का भाव मात्र 2700 से 3000 रुपए प्रति क्विंटल तक मिल रहा था। कम दाम से नाराज किसानों ने पहले मंडी परिसर में प्रदर्शन किया और मंडी गेट पर ताला जड़ दिया। इसके बाद नारेबाजी करते हुए किसान छावनी नाका चौराहे पहुंचे और ट्रैक्टर-ट्रॉली लगाकर हाईवे को जाम कर दिया।

किसानों का कहना था कि अतिवृष्टि और पीला मोज़ेक वायरस से फसल पहले ही बर्बाद हो चुकी है, ऊपर से मंडी में इतने कम भाव मिलने से लागत भी नहीं निकल पा रही। किसानों ने यह भी सवाल उठाया कि जब भावांतर योजना में सरकार भाव का अंतर देती है, तो वह राशि सीधे मंडी में ही क्यों न दी जाए ताकि उन्हें तत्काल राहत मिल सके। इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष विजयलक्ष्मी तंवर भी किसानों के बीच पहुंची और किसानों के साथ सड़क पर बैठकर नारेबाजी की।
सूचना मिलते ही एडिशनल एसपी, एसडीएम, तहसीलदार और सीएसपी मौके पर पहुंचे और किसानों से चर्चा की। अधिकारियों की समझाइश के बाद किसानों ने जाम समाप्त किया। हालांकि, किसानों ने चेतावनी दी कि यदि सोयाबीन का उचित मूल्य नहीं मिला तो वे आने वाले दिनों में बड़ा आंदोलन करेंगे।









