10 अक्टूबर से ई-उपार्जन पोर्टल पर शुरू होंगे पंजीयन

आगर मालवा, 26 सितम्बर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में सोयाबीन उत्पादक किसानों को लाभान्वित करने के लिए भावांतर योजना लागू की जा रही है। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए जिला स्तर पर प्रशासनिक अमले को दायित्व सौंपे जाएंगे। योजना की विशेषताओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक किसान इसका लाभ ले सकें।
मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को समत्व भवन, भोपाल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा जिले के कलेक्टरों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से कम पर फसल बेचने की स्थिति में राज्य सरकार अंतर की राशि सीधे बैंक खाते में जमा करेगी। सोयाबीन का एमएसपी 5,328 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। उदाहरण स्वरूप यदि मंडी का मॉडल भाव 4,600 रुपये रहेगा तो 628 रुपये प्रति क्विंटल का भावांतर भुगतान किसानों को मिलेगा।
10 से 25 अक्टूबर तक होंगे पंजीयन
भावांतर योजना के अंतर्गत ई-उपार्जन पोर्टल पर किसानों का पंजीयन 10 अक्टूबर से 25 अक्टूबर 2025 तक होगा। यह योजना 1 नवम्बर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक प्रभावी रहेगी। किसानों की भूमि और फसल का सत्यापन राजस्व विभाग के माध्यम से किया जाएगा। पात्र किसानों को उनकी भावांतर राशि डीबीटी से सीधे बैंक खाते में प्राप्त होगी।
जनप्रतिनिधियों ने दी बधाई
वीसी से जुड़े सांसद- विधायक और जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को किसानों के हित में इस योजना की शुरुआत के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि सोयाबीन उत्पादक किसानों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।









